मन के बाग़ में बिखरी है भावनाओं की ओस। …………कुछ बूंदें छूकर मैंने भी नम कर ली हैं हथेलियाँ …………और लोग मुझे कवि समझने लगे!

Laugh India Laugh Chirag Jain



Laughter Artish Chirag Jain in the episode of Laugh India Laugh of Life OK
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